
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। दीपके के साथ पार्टी के अन्य प्रमुख नेता आशुतोष रांका और सौरभ दास भी राजधानी पहुंच रहे हैं। CJP की ओर से 24 सितंबर को दिल्ली में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस का ऐलान किया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी एक बार फिर चुनाव आयोग के खिलाफ किसी बड़े प्रदर्शन या आंदोलन की घोषणा करने वाली है।
ज्ञानेश कुमार का बार-बार जिक्र
अभिजीत दीपके के दिल्ली रवाना होने की खबर के बीच उनके सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने अपने एक पोस्ट में कहा कि वह महाराष्ट्र और गुजरात बॉर्डर पर थे, लेकिन अब दिल्ली की फ्लाइट पकड़ने के लिए वापस जा रहे हैं। इसी पोस्ट में उन्होंने ज्ञानेश कुमार का भी जिक्र किया। इससे CJP की आगामी प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
इससे पहले दीपके ने सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग को लेकर भी पोस्ट किया था। उन्होंने दिल्ली में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस को महत्वपूर्ण बताया और ज्ञानेश कुमार के नाम का उल्लेख किया। CJP की तरफ से इस्तेमाल किए गए कुछ शब्द काफी तीखे रहे हैं, लेकिन उनके बयानों को पार्टी की राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में ही देखा जा रहा है।
24 सितंबर को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस
CJP ने 24 सितंबर को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा की है। पहले इसका समय दोपहर 12 बजे बताया गया था, लेकिन बाद में इसे बदलकर दोपहर 2 बजे किए जाने की जानकारी सामने आई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दीपके के साथ आशुतोष रांका और सौरभ दास के शामिल होने की बात कही गई है।
CJP की ओर से जारी जानकारी में चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को प्रेस कॉन्फ्रेंस का केंद्र बताया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी हाल के घटनाक्रमों पर अपना पक्ष रख सकती है और आगे की रणनीति के बारे में जानकारी दे सकती है।
हालांकि, नया प्रोटेस्ट होगा या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे संभावित घोषणा के तौर पर ही देखा जा रहा है।
चुनाव आयोग को लेकर क्यों गरमाया विवाद?
पिछले कुछ दिनों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस तेज हुई है। खासतौर पर SIR यानी Special Intensive Revision और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।
इसी दौरान चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर भी एक रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्टों में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्तों ने कुछ मुद्दों पर अलग-अलग आपत्तियां दर्ज की थीं। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इन दावों का खंडन किया गया और कहा गया कि SIR से जुड़े फैसले आयोग के सदस्यों की सहमति से लिए गए थे।
इसी विवाद के बीच CJP ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लिया है। दीपके और पार्टी के अन्य नेताओं की सोशल मीडिया पोस्ट में लगातार उनका नाम सामने आ रहा है।
दीपके के साथ दिल्ली क्यों पहुंच रहे हैं दूसरे नेता?
अभिजीत दीपके के अलावा CJP के प्रमुख पदाधिकारी आशुतोष रांका और सौरभ दास ने भी अपने कार्यक्रम रद्द कर दिल्ली रवाना होने की बात कही है। CJP की ओर से बताया गया कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के कारण नेताओं ने अपने पहले से तय कार्यक्रमों को बदल दिया है।
इस अचानक दिल्ली पहुंचने की वजह से राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ गई है। हालांकि, पार्टी की तरफ से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ बयान जारी किया जाएगा या किसी नए आंदोलन की घोषणा भी होगी।
पहले भी प्रदर्शन कर चुका है CJP
यह पहली बार नहीं है जब CJP ने किसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन या आंदोलन की बात कही हो। इससे पहले भी पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अलग-अलग मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किए हैं। जुलाई 2026 में CJP ने छात्रों से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद दोबारा प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी थी, अगर प्रदर्शनकारी छात्रों को निशाना बनाया जाता है।
इस वजह से जब अब दीपके और CJP के अन्य नेता अचानक दिल्ली पहुंच रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त का नाम लगातार सामने आ रहा है, तो आगामी कार्यक्रम को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है।
क्या होगा अगला कदम?
अब सबसे ज्यादा नजर CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर है। अभिजीत दीपके और पार्टी के अन्य नेता चुनाव आयोग तथा ज्ञानेश कुमार को लेकर अपना पक्ष रख सकते हैं। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट हो सकता है कि CJP आगे किसी प्रदर्शन, आंदोलन या अभियान की घोषणा करती है या नहीं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना स्पष्ट है कि CJP ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है और पार्टी के प्रमुख नेता इसमें शामिल होने के लिए राजधानी पहुंच रहे हैं। ज्ञानेश कुमार का लगातार उल्लेख इस कार्यक्रम को चुनाव आयोग से जुड़े विवाद के संदर्भ में महत्वपूर्ण बनाता है।
अब 24 सितंबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दीपके क्या ऐलान करते हैं, इस पर सबकी नजर बनी हुई है। क्या यह सिर्फ चुनाव आयोग पर सवाल उठाने तक सीमित रहेगा या किसी नए विरोध प्रदर्शन की घोषणा होगी—इसका जवाब प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ही साफ होगा।
