
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आज यानी 8 अक्टूबर को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध प्रदर्शन होने जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर सवाल उठाए जाएंगे। साथ ही CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की जाएगी। प्रदर्शन का आयोजन बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में किया जा रहा है।
फ्रीडम पार्क में होगा ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’
CJP के अनुसार, प्रदर्शन की शुरुआत सुबह करीब 10:30 बजे फ्रीडम पार्क में ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ के आयोजन से होगी। इस कार्यक्रम में SIR को लेकर अपनी शिकायतें और चिंताएं रखने वाले लोग शामिल होंगे। CJP और कर्नाटक के कुछ नागरिक संगठनों की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मतदाता सूची में नाम हटाए जाने से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी है।
CJP का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान कई मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। संगठन की ओर से मांग की जा रही है कि कथित तौर पर हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम बहाल किए जाएं और पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाए।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा भी है। CJP पहले भी इस मांग को लेकर देशभर में आंदोलन करने का ऐलान कर चुकी है। संगठन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं।
CJP की मांगों को लेकर राजनीतिक और नागरिक समूहों के बीच भी चर्चा बढ़ी है। हालांकि, चुनाव आयोग और बीजेपी ने चुनाव प्रक्रिया में पक्षपात या किसी तरह की गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है।
दिपके और ध्रुव राठी भी होंगे शामिल
बेंगलुरु के इस प्रदर्शन में CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके के अलावा यूट्यूबर ध्रुव राठी के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है। ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए बेंगलुरु और दिल्ली में होने वाले कार्यक्रमों में लोगों से शामिल होने की अपील की है।
अभिनेता और एक्टिविस्ट प्रकाश राज के भी कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने लोगों से 8 अक्टूबर को फ्रीडम पार्क पहुंचने की अपील की है।
क्या है SIR का मुद्दा?
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया को लेकर कुछ राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित नहीं होने चाहिए और किसी भी तरह की गलती होने पर उसे तुरंत ठीक किया जाना चाहिए।
CJP ने इसी मुद्दे को अपने आंदोलन का प्रमुख हिस्सा बनाया है। संगठन का कहना है कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने या बदलाव से जुड़े मामलों पर सार्वजनिक चर्चा और जवाबदेही जरूरी है।
बेंगलुरु के बाद दिल्ली में भी प्रदर्शन
CJP ने बेंगलुरु के बाद 10 अक्टूबर को दिल्ली में भी प्रदर्शन करने की घोषणा की है। दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर संगठन की ओर से जंतर-मंतर का कार्यक्रम बताया गया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस की अनुमति को लेकर स्थिति पर विवाद बना हुआ है।
इससे पहले भी CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन की बात कही थी। संगठन का कहना है कि जब तक उसकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
प्रदर्शन पर रहेगी नजर
बेंगलुरु में आज होने वाला CJP का प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सार्वजनिक बहस तेज है। फ्रीडम पार्क में होने वाले ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ और विरोध प्रदर्शन में किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
फिलहाल CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को अपने आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है। वहीं, चुनाव आयोग और बीजेपी की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया गया है। ऐसे में बेंगलुरु का आज का प्रदर्शन इस पूरे विवाद में आगे की दिशा तय करने वाली प्रमुख घटनाओं में से एक माना जा रहा है।
