रामपुर: रामपुर स्थित ‘मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी’ के भविष्य को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर गहरा गया है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मानी जाने वाली इस यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए अब सामाजिक व राजनीतिक गलियारों से आवाजें उठने लगी हैं। इसी क्रम में हिंदू महासभा के नेता पंडित विजय शर्मा ने घोषणा की है कि वह यूनिवर्सिटी को सरकारी कार्रवाई से बचाने और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए 28 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
क्या है पूरा मामला?
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी लंबे समय से कानूनी और प्रशासनिक विवादों में घिरी हुई है। भूमि अधिग्रहण से लेकर लीज रद्दीकरण और सरकारी जांच के चलते यूनिवर्सिटी के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। हाल के दिनों में प्रशासन द्वारा की गई सख्त कार्रवाइयों के बाद यूनिवर्सिटी परिसर के कई हिस्सों को सील या कब्जे में लिया गया है, जिससे वहां पढ़ रहे हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
पंडित विजय शर्मा का तर्क है कि आजम खान से जुड़े राजनीतिक मतभेद या कानूनी विवाद अपनी जगह हैं, लेकिन शिक्षा के एक बड़े केंद्र को राजनीतिक बदले की भावना या प्रशासनिक उदासीनता का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए।
“यूनिवर्सिटी किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं, बल्कि समाज की धरोहर है। आजम खान से राजनीतिक विरोध हो सकता है, लेकिन वहां पढ़ रहे हजारों मासूम बच्चों के भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जा सकता।”
— पंडित विजय शर्मा
मांगों का प्रमुख एजेंडा
पंडित विजय शर्मा ने अपने इस आंदोलन को लेकर कुछ मुख्य मांगें रखी हैं:
छात्रों के भविष्य की सुरक्षा: यूनिवर्सिटी में नामांकित छात्रों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रखी जाए।
निष्पक्ष प्रशासनिक दृष्टिकोण: विश्वविद्यालय के खिलाफ चल रही सभी कानूनी जांच को निष्पक्ष रखा जाए और शिक्षा प्रक्रिया को प्रभावित न किया जाए।
बातचीत से समाधान: सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बातचीत के जरिए बीच का रास्ता निकाला जाए ताकि यह शिक्षण संस्थान बंद न हो।
सांप्रदायिक सौहार्द और शिक्षा के समर्थन की मिसाल
पंडित विजय शर्मा के इस कदम को रामपुर और आसपास के इलाकों में एक अनूठी मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है। आमतौर पर आजम खान और मुस्लिम केंद्रित संस्थाओं के नाम पर होने वाली राजनीति के बीच, एक हिंदू नेता का जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में सामने आना सामाजिक समरसता का बड़ा संदेश दे रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कदम से यह साफ संदेश जाता है कि शिक्षा का कोई धर्म नहीं होता। यूनिवर्सिटी में न केवल स्थानीय बल्कि देश भर से आए छात्र विभिन्न पाठ्यक्रमों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यदि यूनिवर्सिटी बंद होती है, तो इसका सीधा असर रामपुर की अर्थव्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था दोनों पर पड़ेगा।
28 जुलाई से शुरू होगा अनिश्चितकालीन सत्याग्रह
पंडित विजय शर्मा ने स्पष्ट किया है कि 28 जुलाई से शुरू होने वाला यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक होगा। जब तक सरकार या प्रशासन की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी के छात्रों के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन अनशन जारी रहेगा।
अब देखना यह होगा कि इस भूख हड़ताल के ऐलान के बाद जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार का क्या रुख रहता है और क्या इस आंदोलन के माध्यम से जौहर यूनिवर्सिटी को कोई राहत मिल पाती है या नहीं
जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए पंडित विजय शर्मा का बड़ा ऐलान: 28 जुलाई से करेंगे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
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