
नई दिल्ली
पंजाब की राजनीति में भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर एक बार फिर राजनीतिक भूचाल आ गया है। राज्य में कथित पेपर लीक और परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी (AAP) की भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस विवाद की आंच अब पंजाब विधानसभा से लेकर दिल्ली की संसद और सड़कों तक पहुँच चुकी है। विपक्षी दल—भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (SAD)—एकजुट होकर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
विधानसभा में तीखी बहस और विपक्ष का कड़ा रुख
पंजाब विधानसभा के सत्र के दौरान मुख्य विपक्षी दलों ने राज्य में पारदर्शी परीक्षा तंत्र को पूरी तरह विफल बताते हुए भारी हंगामा किया। विपक्ष का आरोप है कि पंजाब में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं की शुचिता भंग हुई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और विधानसभा में विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार भर्ती, 12वीं कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा, पंजाब शिक्षक पात्रता परीक्षा (PSTET) और हाल ही में आयोजित फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में भारी अनियमितताएं और पर्चा लीक के मामले सामने आए हैं।
विपक्षी नेताओं ने सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। सदन के भीतर नारेबाजी के चलते विधायी कार्य बाधित हुए, जिसके बाद सदस्यों ने बहिर्गमन (वॉकआउट) भी किया।
सड़क से लेकर संसद तक गूंजा मुद्दा
इस मुद्दे की गूंज पंजाब की सीमाओं से बाहर भी देखने को मिल रही है। नई दिल्ली में संसद परिसर के बाहर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के सांसदों ने पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में तो शिक्षा और परीक्षाओं में पारदर्शिता का दावा करती है, लेकिन पंजाब में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों पर चुप्पी साध लेती है।
इसके अलावा, दिल्ली स्थित आम आदमी पार्टी के केंद्रीय कार्यालय के बाहर भी भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि नैतिकता के आधार पर शिक्षा मंत्री हरjot सिंह बैंस को तुरंत उनके पद से बर्खास्त किया जाए।
| परीक्षा का नाम | विपक्षी आरोप / विवाद का कारण |
| फार्मेसी अधिकारी भर्ती | परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ और पेन कैमरे से डिजिटल धांधली के आरोप। |
| नायब तहसीलदार भर्ती | नकल और ब्लूटूथ डिवाइस के उपयोग को लेकर विवाद। |
| PSTET (शिक्षक पात्रता) | उत्तर पहले से ही हाइलाइटेड होने का आरोप, परीक्षा रद्द करनी पड़ी। |
| 12वीं कक्षा (अंग्रेजी) | परीक्षा से ठीक पहले प्रश्न पत्र लीक होने का मामला। |
मान सरकार और हरजोत बैंस की सफाई
बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य का बचाव करते हुए कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में “एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है ।
सरकार का तर्क है कि फार्मेसी अधिकारी परीक्षा के दौरान जो घटना सामने आई, वह पारंपरिक ‘पेपर लीक’ नहीं थी, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक (जैसे ब्लूटूथ डिवाइस और पेन कैमरा) का इस्तेमाल कर किया गया एक नकल का प्रयास (Cheating Racket) था। पुलिस और सतर्कता विभाग (Vigilance Bureau) की मुस्तैदी से गिरोह को परीक्षा केंद्र के भीतर ही पकड़ लिया गया और इसमें शामिल आरोपियों की गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।
इसके साथ ही, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने स्पष्ट किया कि हाल ही में विवादों में आई फार्मेसी भर्ती परीक्षा स्वास्थ्य विभाग के अधीन आती है, न कि शिक्षा विभाग के। हालांकि, बैंस ने यह भी कहा कि सरकार किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या धांधली को बर्दाश्त नहीं करेगी और इस मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
आगे की राह और युवाओं का भविष्य
पंजाब में प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार उठते विवादों ने लाखों परीक्षार्थियों और उनके परिवारों में चिंता पैदा कर दी है। एक तरफ जहाँ विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार को घेरकर नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ मान सरकार इसे विपक्षी दलों द्वारा फैलाया जा रहा भ्रम और राजनीतिक षड्यंत्र करार दे रही है।
यह मामला अब पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष भी विचाराधीन है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार विपक्ष की मांग के आगे झुकते हुए उच्च स्तरीय जांच आयोग का गठन करती है या फिर अपनी जांच एजेंसियों के जरिए खुद को पाक-साफ साबित करने में सफल होती है। फिलहाल, इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम ने राज्य के युवाओं के मन में सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
