Sunday, September 6, 2026

पुणे: राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से ठीक पहले बवाल, कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज

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महाराष्ट्र के सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र पुणे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम से ठीक पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ से कुछ ही समय पूर्व पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कई कांग्रेस व युवा कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद से शहर में राजनीतिक घमासान और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

पुणे में आयोजित इस विशेष छात्र संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राहुल गांधी द्वारा देश भर के युवाओं और छात्रों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर सीधे चर्चा करना था। कार्यक्रम की तैयारियों के तहत कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और आयोजन स्थल के आसपास बड़े-बड़े बैनर, पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए थे।

पुलिस का कहना है कि इनमें से कई बैनर और पोस्टर बिना स्थानीय प्रशासन व पुलिस की पूर्व अनुमति के सार्वजनिक संपत्तियों पर टांगे गए थे। शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए पुलिस ने नियम उल्लंघन के आरोप में एफआईआर दर्ज की।

ABVP और यूथ कांग्रेस के बीच बढ़ा तनाव

कार्यक्रम से ठीक पहले पुणे के कॉलेज परिसरों और सड़कों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) तथा यूथ कांग्रेस/NSUI के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और झड़प देखने को मिली। सोशल मीडिया स्टेटस और बयानों को लेकर दोनों छात्र गुटों में उपजा विवाद देखते ही देखते सड़क पर आ गया। शहर के माहौल में पैदा हुई इस तल्खी को शांत करने और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस को भारी बल तैनात करना पड़ा।

पुलिस प्रशासन की 30 कड़ी शर्तें

पुणे पुलिस ने कार्यक्रम के शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए आयोजकों को सख्त दिशानिर्देश जारी किए थे। प्रशासन की ओर से करीब 30 प्रमुख शर्तें तय की गई थीं, जिनका पालन करना अनिवार्य था:

* किसी भी प्रकार के विवादित, उकसाऊ या आपत्तिजनक पोस्टरों और नारों पर पूर्ण प्रतिबंध।
* बिना अनुमति सार्वजनिक सड़कों या बिजली के खंभों पर होर्डिंग्स लगाने की सख्त मनाही।
* कार्यक्रम स्थल पर ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल बिना पुलिस अनुमति के न करना।
* निर्धारित समय सीमा और हॉल की क्षमता से अधिक भीड़ न जुटाना।

नियमों की अनदेखी करने और सार्वजनिक मार्गों को बाधित करने के आरोप में स्थानीय पुलिस स्टेशन में संबंधित कार्यकर्ताओं के खिलाफ धारागत मामला दर्ज किया गया।

कांग्रेस का पलटवार और आरोप

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी प्रतिनिधियों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन सत्ताधारी दल के दबाव में काम कर रहा है और राहुल गांधी के युवाओं के साथ होने वाले संवाद को रोकने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को मिल रहे भारी समर्थन से बौखलाकर विपक्ष इस तरह की बाधाएं उत्पन्न कर रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से छात्रों की आवाज बुलंद करते रहेंगे।

सुरक्षा व्यवस्था कडी, पुलिस की कड़ी नज़र

घटनाक्रम के बाद पुणे पुलिस ने राहुल गांधी के कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा घेरा और मजबूत कर दिया है। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और आने-जाने वालों की चेकिंग की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है, और जो भी व्यक्ति या संगठन नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ निष्पक्ष और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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