
बिहार की अर्थव्यवस्था और राज्य की प्रति व्यक्ति आय को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी का बड़ा दावा सामने आया है। उन्होंने बिहार की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय करीब ₹74 हजार तक पहुंच गई है। उनके इस दावे के बाद बिहार की आर्थिक स्थिति, विकास दर और लोगों की आय को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि, बिहार सरकार के आधिकारिक आर्थिक आंकड़ों के मुताबिक 2024-25 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय मौजूदा कीमतों पर ₹69,321 दर्ज की गई है। बिहार सरकार के ई-स्टैटिस्टिक्स पोर्टल पर 2023-24 के लिए यह आंकड़ा ₹62,201 और 2024-25 के लिए ₹69,321 दिया गया है। इसलिए ₹74 हजार का आंकड़ा किस अवधि या अनुमान के आधार पर बताया गया है, यह अलग से स्पष्ट करना जरूरी है।
आर्थिक विकास को लेकर संजय सरावगी का दावा
बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी राज्य में आर्थिक गतिविधियों और विकास को लेकर लगातार सरकार के कामकाज का जिक्र करते रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने बिहार को केवल उपभोग आधारित अर्थव्यवस्था से निकालकर प्रोडक्शन स्टेट बनाने की दिशा में काम होने की बात कही थी। मई 2026 में उन्होंने कहा था कि राज्य में औद्योगिक बदलाव की दिशा में काम किया जा रहा है और हर जिले में उद्योग लगाने की योजना पर जोर है।
अब प्रति व्यक्ति आय को लेकर उनका ताजा दावा सामने आया है। इस दावे का राजनीतिक और आर्थिक दोनों स्तर पर महत्व है, क्योंकि प्रति व्यक्ति आय को किसी राज्य की अर्थव्यवस्था में औसत आय और आर्थिक उत्पादन के स्तर को समझने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्रमुख संकेतकों में गिना जाता है।
बिहार सरकार के आधिकारिक आंकड़े क्या कहते हैं?
बिहार के Directorate of Economics and Statistics (DES) के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, 2024-25 में राज्य का GSDP मौजूदा कीमतों पर ₹9,91,997 करोड़ रहा। इसी अवधि में प्रति व्यक्ति आय ₹69,321 दर्ज की गई। 2023-24 में GSDP ₹8,77,197 करोड़ और प्रति व्यक्ति आय ₹62,201 थी।
इस तरह 2023-24 से 2024-25 के बीच बिहार की प्रति व्यक्ति आय में करीब ₹7,120 की बढ़ोतरी दर्ज हुई। प्रतिशत के लिहाज से यह लगभग 11.4 फीसदी की वृद्धि बैठती है। यह आंकड़ा मौजूदा कीमतों पर आधारित है, इसलिए इसमें आर्थिक वृद्धि के साथ कीमतों में बदलाव का असर भी शामिल होता है।
बिहार के स्टेट डेटा लैब में 2025-26 के लिए राज्य का GSDP मौजूदा कीमतों पर ₹11,07,071 करोड़ और GSDP की वृद्धि दर 11.77 फीसदी का अनुमान दिया गया है। वहीं 2025-26 के लिए प्रति व्यक्ति आय का पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ा अभी 2024-25 का ही ₹69,321 दिखाता है।
प्रति व्यक्ति आय का मतलब क्या है?
प्रति व्यक्ति आय का मतलब किसी राज्य की कुल आय या आर्थिक उत्पादन को उसकी आबादी से विभाजित करने पर मिलने वाली औसत राशि से है। इसे आम लोगों की वास्तविक व्यक्तिगत कमाई के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।
उदाहरण के तौर पर अगर किसी राज्य की प्रति व्यक्ति आय ₹74 हजार बताई जाती है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि राज्य के प्रत्येक व्यक्ति को सालाना ₹74 हजार की आय मिल रही है। यह एक औसत आर्थिक संकेतक है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के आकार और आबादी के अनुपात को समझने में मदद करता है।
इसी वजह से प्रति व्यक्ति आय बढ़ने के साथ-साथ रोजगार, मजदूरी, ग्रामीण आय, महंगाई और आय के वितरण जैसे दूसरे संकेतकों को भी देखना जरूरी होता है।
GSDP में भी हुई बढ़ोतरी
बिहार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राज्य के सकल घरेलू उत्पाद यानी GSDP में भी लगातार वृद्धि हुई है। 2023-24 में मौजूदा कीमतों पर GSDP ₹8.77 लाख करोड़ था, जो 2024-25 में बढ़कर करीब ₹9.92 लाख करोड़ हो गया।
सरकारी आंकड़ों में 2024-25 के दौरान कृषि का GSVA में योगदान 22.37 फीसदी, उद्योग का योगदान 23.57 फीसदी और सेवा क्षेत्र का योगदान 54.07 फीसदी बताया गया है। इससे पता चलता है कि बिहार की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे बड़ी है, जबकि कृषि और उद्योग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उद्योग और रोजगार पर जोर
बिहार में आर्थिक विकास की चर्चा के दौरान उद्योग और रोजगार को महत्वपूर्ण मुद्दा माना जाता है। संजय सरावगी ने पहले कहा था कि सरकार बिहार को कंज्यूमर स्टेट से प्रोडक्शन स्टेट बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य राज्य में उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना बताया गया था।
यदि औद्योगिक निवेश बढ़ता है, नए कारोबार स्थापित होते हैं और रोजगार के अवसर पैदा होते हैं, तो इसका असर राज्य की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव जानने के लिए निवेश, रोजगार और आय से जुड़े आधिकारिक आंकड़ों को समय के साथ देखना जरूरी होगा।
राजनीतिक बयान से आर्थिक बहस तक
संजय सरावगी का ₹74 हजार प्रति व्यक्ति आय का दावा ऐसे समय सामने आया है जब बिहार में आर्थिक विकास और राज्य की बदलती तस्वीर को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। एक तरफ सरकार और बीजेपी नेता आर्थिक वृद्धि और विकास योजनाओं को उपलब्धि के तौर पर सामने रख रहे हैं, वहीं किसी भी दावे को समझने के लिए आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित वित्तीय वर्ष को देखना जरूरी है।
फिलहाल बिहार सरकार के सार्वजनिक आर्थिक आंकड़ों में 2024-25 की प्रति व्यक्ति आय ₹69,321 दर्ज है। इसलिए ₹74 हजार के आंकड़े को किस वित्तीय वर्ष या अनुमान से जोड़ा गया है, यह स्पष्ट होने पर ही दोनों आंकड़ों का सीधा मिलान किया जा सकेगा।
कुल मिलाकर, बिहार की प्रति व्यक्ति आय में हाल के वर्षों में बढ़ोतरी दर्ज हुई है और राज्य की अर्थव्यवस्था के आकार में भी विस्तार हुआ है। अब आगे चुनौती इस आर्थिक वृद्धि को रोजगार, उद्योग, निवेश और लोगों की वास्तविक आय में बदलने की होगी। आने वाले सरकारी आर्थिक आंकड़े यह बताएंगे कि बिहार की विकास दर और प्रति व्यक्ति आय किस दिशा में आगे बढ़ती है।
