Monday, September 7, 2026

‘सीवान में AK-47 से हुई थी फायरिंग’: सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार का बड़ा बयान, जानिए पूरा मामला

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बिहार :  सीवान जिले में हुए चर्चित गोलीबारी मामले में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने एक बड़ा और चौंकाने वाला कबूलनामा किया है। सरकार ने शीर्ष अदालत में औपचारिक रूप से स्वीकार किया है कि सीवान में हुई हिंसा के दौरान AK-47 जैसे प्रतिबंधित और अत्याधुनिक हथियार से फायरिंग की गई थी। इस हिंसक घटना में पुलिस टीम और जवान बुरी तरह फंस (ट्रैप) गए थे। बिहार सरकार के इस बयान के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था और अपराधियों तक पहुंचे अवैध हथियारों को लेकर प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

मामले के मुख्य बिंदु

अत्याधुनिक हथियार का प्रयोग: बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार किया कि घटना स्थल पर AK-47 से ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गई थीं।
जवानों की घेराबंदी: अचानक हुई अंधाधुंध फायरिंग के कारण पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी मौके पर ही ट्रैप हो गए थे।
अदालत में स्टेटस रिपोर्ट: राज्य सरकार ने घटना की विस्तृत जानकारी, परिस्थितियों और अब तक हुई कार्रवाई का ब्योरा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखा।
सख्त कार्रवाई का आश्वासन: सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया है कि मामले के दोषियों और अवैध हथियारों के नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

क्या है सीवान फायरिंग का पूरा मामला?
सीवान में घटी इस घटना ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब पुलिस टीम एक विशेष इनपुट के आधार पर इलाके में दबिश देने या स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची, तो अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से उन्हें घेर लिया। घात लगाकर बैठे हमलावरों ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए AK-47 से अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

हमले की तीव्रता और स्वचालित हथियार की मारक क्षमता इतनी अधिक थी कि जवानों को संभलने या जवाबी कार्रवाई का सही मौका नहीं मिला, जिससे वे सीधे अपराधियों के जाल में फंस गए।

सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई और सरकार का पक्ष
सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने घटना की गंभीरता और सुरक्षा व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़े किए थे। इसके जवाब में बिहार सरकार के वकील ने हलफनामा दाखिल करते हुए स्वीकार किया कि घटना सामान्य आपराधिक झड़प नहीं थी, बल्कि इसमें AK-47 जैसे घातक हथियारों का इस्तेमाल हुआ था।

सरकार ने अदालत को अवगत कराया कि घटना के तुरंत बाद अतिरिक्त बल भेजकर स्थिति पर काबू पाया गया था और घायल जवानों के इलाज के साथ-साथ इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

सुरक्षा व्यवस्था और अवैध हथियारों की सप्लाई पर उठे सवाल
सीवान जैसी जगह पर आम अपराधियों या असामाजिक तत्वों तक AK-47 जैसे सैन्य-स्तरीय हथियारों का पहुंचना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। इस कबूलनामे के बाद यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर बिहार में इस स्तर के अवैध हथियार कहां से सप्लाई हो रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा दिए गए इस बयान के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले में न केवल हमलावरों पर शिकंजा कसा जाएगा, बल्कि अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जाएगा।

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