Sunday, September 6, 2026

IRAN WAR LIVE : ‘हथियारों की कोई कमी नहीं..’: डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को दी फिर कड़े शब्दों में चेतावनी

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(Middle East) में बढ़ता तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। पश्चिम एशिया में सैन्य टकराव और रणनीतिक गहमागहमी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को एक बार फिर कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। ट्रम्प ने उन तमाम रिपोर्टों और दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियानों के कारण अमेरिकी सेना के पास हथियारों और एयर डिफेंस सिस्टम का स्टॉक कम पड़ रहा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ और हालिया बयानों के जरिए ट्रम्प ने साफ किया कि अमेरिका की सैन्य ताकत अटूट है और देश के पास गोला-बारूद तथा आधुनिक हथियारों का विशाल भंडार मौजूद है। हथियारों की कमी के दावों को किया खारिजहाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय मीडिया और कुछ सैन्य विश्लेषकों की रिपोर्टों में दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया में लगातार अभियानों के कारण अमेरिका के मिसाइल डिफेंस स्टॉक पर दबाव बन रहा है। इन अटकलों पर विराम लगाते हुए डोनाल्ड ट्रम्प ने आक्रामक रुख अपनाया।

ट्रम्प का बयान:

“अमेरिका के पास हथियारों या रक्षा प्रणालियों की कोई कमी नहीं है। हमारे पास आवश्यकता से कहीं अधिक गोला-बारूद का भंडार है। कमी अमेरिका में नहीं, बल्कि ईरान के पास हो रही है। उनके पास मिसाइलें खत्म हो रही हैं और उनके लॉन्च पैड तबाह किए जा चुके हैं।”   ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) द्वारा क्षेत्र में सैन्य संसाधनों की तैनाती को लेकर वैश्विक स्तर पर कई सवाल खड़े किए जा रहे थे।  होर्मुज स्ट्रैट में जहाजों पर हमले पर सख्त रुख पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का सबसे बड़ा असर वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर पड़ा है।

ट्रम्प ने चेतावनी दी कि यदि ईरान या उसके समर्थित गुटों द्वारा इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले किसी भी कमर्शियल या सैन्य जहाज को निशाना बनाया गया, तो अमेरिका कड़ा और निर्णायक पलटवार करेगा। अमेरिकी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नेविगेशन की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अमेरिका अपनी पूरी सैन्य ताकत का इस्तेमाल करने से नहीं झिझकेगा।  चीन और रूस को भी दी दूर रहने की सलाह ईरान के खिलाफ अपनी आक्रामक नीति को रेखांकित करते हुए ट्रम्प ने बीजिंग और मॉस्को को भी इस संघर्ष से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है। ट्रम्प के अनुसार, उन्होंने वैश्विक महाशक्तियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि तेहरान को किसी भी तरह का सैन्य या तकनीकी सहयोग देना उनके अपने हितों के लिए नुकसानदेह साबित होगा।

हालांकि, इस बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि अगर ब्रिटेन या अन्य पश्चिमी देश अमेरिका का खुलकर साथ देते हैं, तो वे भी ईरानी मिसाइलों के निशाने पर आ सकते हैं। दुनिया पर मंडराते संकट के बादलअमेरिका और ईरान के बीच जारी इस जुबानी और सैन्य जंग ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है: कच्चे तेल की कीमतें: होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल की आशंका बनी हुई है।

वैश्विक सप्लाई चेन:

लाल सागर और खाड़ी देशों के समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से शिपिंग लागत बढ़ रही है।कूटनीतिक प्रयास: हालांकि कुछ क्षेत्रीय देश दोनों पक्षों को मध्यस्थता और बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ट्रम्प के सख्त तेवरों ने फिलहाल कूटनीतिक समाधान की राह को कठिन बना दिया है।

निष्कर्ष : 

डोनाल्ड ट्रम्प का यह हालिया बयान केवल ईरान के लिए चेतावनी नहीं, बल्कि वैश्विक समुदाय को यह संदेश देने की कोशिश है कि अमेरिका अपनी सैन्य संप्रभुता और रणनीतिक दबदबे से पीछे हटने वाला नहीं है। जब तक दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए कोई ठोस समझौता नहीं होता, तब तक मध्य पूर्व में शांति बहाली की संभावना बेहद नाजुक बनी रहेगी।

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