
कोलकाता/नई दिल्ली:
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रस्तावित कोलकाता दौरा और वहां आयोजित होने वाला सम्मेलन अंतिम समय में रद्द कर दिया गया है। पार्टी नेतृत्व के अनुसार, यह फैसला आयोजकों और कार्यक्रम स्थल के प्रबंधन को मिल रही लगातार धमकियों और सुरक्षा चिंताओं के कारण लिया गया है। सीजेपी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत डिपके और अन्य पार्टी पदाधिकारियों को कोलकाता में अपने कार्यकर्ताओं व समर्थकों के साथ संवाद करना था, लेकिन स्थिति के बिगड़ने की आशंका के चलते इस दौरे को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की गई।
धमकियों और प्रशासनिक/राजनीतिक दबाव का आरोप
सीजेपी की कोर कमेटी द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से कोलकाता में कार्यक्रम का आयोजन कर रही स्थानीय टीम को अज्ञात नंबरों से फोन पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां मिल रही थीं। इसके साथ ही, जिस हॉल और सभागार को कार्यक्रम के लिए बुक किया गया था, उनके प्रबंधकों पर भी दबाव बनाया जा रहा था।
आयोजकों का दावा है कि कार्यक्रम स्थल के मालिकों को चेतावनी दी गई थी कि यदि उन्होंने सीजेपी को सभा आयोजित करने की अनुमति दी, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि कार्यकर्ताओं और कार्यक्रम में भाग लेने आ रहे आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए भारी मन से इस कार्यक्रम को रद्द करने का फैसला लिया गया है।
घटनाक्रम की पृष्ठभूमि और दौरा का उद्देश्य
जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चले व्यापक छात्र व युवा आंदोलन के बाद सीजेपी देश भर में अपने सांगठनिक ढांचे का विस्तार कर रही है। नीट (NEET) परीक्षा विवाद और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों को लेकर चर्चा में आई सीजेपी ने हाल ही में अपने देशव्यापी ‘लिसनिंग टूर’ (Listening Tour) और ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत पार्टी नेतृत्व को अलग-अलग राज्यों का दौरा कर छात्रों, युवाओं और आम जनता से संवाद स्थापित करना था।
पश्चिम बंगाल में हाल ही में सीजेपी कार्यकर्ता के परिवार के साथ हुई घटना और स्थानीय मुद्दों पर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से कोलकाता में इस विशेष कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई थी। कार्यक्रम के जरिए स्थानीय युवाओं, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ एक संवाद सत्र आयोजित किया जाना था।
पार्टी नेतृत्व का कड़ा रुख
सीजेपी के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत डिपके ने सोशल मीडिया और प्रेस को संबोधित करते हुए इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण सभा आयोजित करने और जनहित के सवाल उठाने के अधिकार को बलपूर्वक दबाया जा रहा है।
> *”हमें डराने और हमारी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। अगर किसी को लगता है कि धमकियों और दबाव से युवाओं का यह आंदोलन रुक जाएगा, तो वे गलतफहमी में हैं। हमने अपने कार्यकर्ताओं और जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए कोलकाता का कार्यक्रम रद्द किया है, लेकिन हमारा संघर्ष थमेगा नहीं।”* — **अभिजीत डिपके, संस्थापक (CJP)**
आगे की रणनीति और कानूनी कदम
सीजेपी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि कोलकाता कार्यक्रम भले ही रद्द हो गया हो, लेकिन पार्टी इस मामले को शांत नहीं होने देगी।
कानूनी शिकायत: पार्टी की लीगल टीम लगातार मिल रही धमकियों और दबाव के खिलाफ स्थानीय पुलिस और राज्य मानवाधिकार आयोग में लिखित शिकायत दर्ज कराएगी।
डिजिटल संवाद: जमीनी कार्यक्रम रद्द होने के बाद अब सीजेपी डिजिटल और वर्चुअल माध्यमों से पश्चिम बंगाल के युवाओं और समर्थकों से जुड़ने का प्रयास करेगी।
भविष्य का दौरा: सुरक्षा की समीक्षा करने के बाद जल्द ही नई रूपरेखा के साथ दोबारा कोलकाता दौरे और जनसभा की नई तारीखों का ऐलान किया जाएगा।
पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि देश भर में चलाए जा रहे उनके अभियानों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और वे युवाओं के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
CJP Canceled Kolkata Event: आयोजकों को लगातार मिल रही थीं धमकियां, सीजेपी ने रद्द किया अपना कोलकाता दौरा
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