Sunday, September 6, 2026

डोनाल्ड ट्रंप अप्रूवल रेटिंग: 33% पर गिरा ग्राफ, जानें ईरान तनाव और महंगाई का असर

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अमेरिकी : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता में भारी गिरावट दर्ज की गई है। नवीनतम सर्वेक्षणों के अनुसार, ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग गिरकर महज 33% पर आ पहुंची है। यह आंकड़ा उनके वर्तमान कार्यकाल का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। अमेरिकी नागरिकों के बीच बढ़ता यह असंतोष मुख्य रूप से मध्य पूर्व में ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव और देश के भीतर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची महंगाई के कारण उत्पन्न हुआ है।

हालिया रॉयटर्स/इप्सोस (Reuters/Ipsos) पोल के अनुसार, लगभग 64% अमेरिकी नागरिक राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के काम करने के तरीके से असंतुष्ट हैं। देश की अर्थव्यवस्था को संभालने और अंतरराष्ट्रीय विवादों से निपटने को लेकर जनता के बीच अविश्वास बढ़ता दिख रहा है।

ईरान तनाव और अनिश्चित युद्ध का खौफ

ट्रंप प्रशासन की घटती रेटिंग का बड़ा कारण ईरान के साथ गहराता सैन्य संघर्ष है। शुरुआत में अमेरिकी प्रशासन द्वारा इसे एक सीमित सैन्य कदम के रूप में पेश किया गया था, लेकिन संघर्ष के अनिश्चित काल तक खिंच जाने की संभावना ने आम नागरिकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

सर्वेक्षणों के अनुसार, अधिकांश अमेरिकी नागरिकों को आशंका है कि यह संघर्ष निकट भविष्य में समाप्त नहीं होने वाला। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों की आवाजाही पर पड़े प्रतिकूल असर ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मचा दी है। इस सैन्य कार्रवाई से उपजी अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के कारण अमेरिकी विदेश नीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत

आंतरिक मोर्चे पर, ट्रंप सरकार के लिए महंगाई सबसे बड़ी सिरदर्दी बनी हुई है। आम अमेरिकी उपभोक्ताओं को ईंधन की बढ़ती कीमतों और रोजमर्रा के सामानों के महंगे होने का सीधा झटका लग रहा है।

ईंधन की कीमतों में उछाल: युद्ध के कारण तेल सप्लाई प्रभावित होने से पेट्रोल (गैसोलीन) की कीमतें काफी बढ़ गई हैं।
दैनिक घरेलू बजट पर असर: खाद्य पदार्थों, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दामों में वृद्धि से आम परिवारों की क्रय शक्ति घटी है।
टैरिफ नीति का दुष्प्रभाव: ट्रंप की आक्रामक आयात शुल्क (Tariff) नीतियों का असर भी घरेलू वस्तुओं की लागत पर देखने को मिल रहा है।

आंकड़ों के अनुसार, आधे से ज्यादा अमेरिकी मतदाताओं का मानना है कि हाल के महीनों में उनकी वित्तीय स्थिति पहले से खराब हुई है। वेतन वृद्धि की दर महंगाई दर से पीछे छूटने के कारण मध्यम वर्ग पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।



निर्दलीय और पारंपरिक समर्थकों में निराशा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 33% की इस अप्रूवल रेटिंग का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि ट्रंप का पारंपरिक वोट बैंक भी डगमगा रहा है। निर्दलीय (Independents) और मध्यमार्गी मतदाताओं के साथ-साथ पिछले चुनाव में ट्रंप को वोट देने वाले कई नागरिक अब उनकी नीतियों से असहमति जता रहे हैं।

आगे की राह और राजनीतिक चुनौतियां

प्रशासन ने बढ़ती गैस कीमतों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताकर जनभावनाओं को संभालने की कोशिश की है। हालांकि, रोजमर्रा की जिंदगी में बढ़ते वित्तीय बोझ के बीच यह तर्क आम लोगों के गले नहीं उतर रहा। आने वाले चुनाव से पहले 33% तक रेटिंग का गिरना रिपब्लिकन पार्टी के लिए गंभीर खतरे की घंटी है। यदि सरकार समय रहते महंगाई और विदेश नीति के मोर्चे पर ठोस कदम उठाने में नाकाम रहती है, तो ट्रंप के राजनीतिक आधार को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है।

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