
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और पुनर्वास के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद का सिलसिला जारी है। इसी बीच अमेरिका ने नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए अतिरिक्त 31 मिलियन डॉलर की सहायता देने का ऐलान किया है। इस पैकेज का इस्तेमाल क्षतिग्रस्त परिवहन व्यवस्था को बहाल करने, प्रभावित लोगों को मानवीय सहायता देने और भविष्य में आपदा से निपटने की क्षमता मजबूत करने के लिए किया जाएगा। अमेरिकी घोषणा के बाद नेपाल को बाढ़ राहत और रिकवरी के लिए अमेरिका की कुल सहायता 36 मिलियन डॉलर से अधिक हो गई है।
अमेरिका ने किस तरह की मदद का किया ऐलान?
अमेरिका की नई सहायता को मुख्य रूप से तीन हिस्सों में बांटा गया है। इसमें 10 मिलियन डॉलर स्थायी पुलों के निर्माण के लिए, 8 मिलियन डॉलर मानवीय सहायता के लिए और 13 मिलियन डॉलर अमेरिकी निर्मित ड्रोन उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में कई महत्वपूर्ण परिवहन संपर्क बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं। ऐसे में स्थायी पुलों का निर्माण लोगों की आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति को बहाल करने में मदद कर सकता है। इन पुलों के निर्माण के लिए अमेरिकी कंपनियों से सहयोग लिया जाएगा।
8 मिलियन डॉलर से राहत और आजीविका पर जोर
नई सहायता में 8 मिलियन डॉलर पानी, स्वच्छता और साफ-सफाई यानी WASH सेवाओं के साथ-साथ प्रभावित लोगों के लिए आश्रय, सुरक्षा, आजीविका और सर्दियों की तैयारी से जुड़ी जरूरतों पर खर्च किए जाने की योजना है।
बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोगों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा है। ऐसे में सिर्फ तत्काल भोजन और चिकित्सा सहायता ही नहीं, बल्कि सुरक्षित रहने की जगह और रोजमर्रा की बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। अमेरिकी सहायता का यह हिस्सा प्रभावित समुदायों की इन जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित होगा।
आपदा प्रबंधन के लिए मिलेंगे ड्रोन
अमेरिकी पैकेज का एक अहम हिस्सा 13 मिलियन डॉलर के अमेरिकी निर्मित ड्रोन हैं। इनका इस्तेमाल भविष्य में आपदा के बाद राहत और रिकवरी अभियानों को बेहतर बनाने के लिए किया जाना है।
बाढ़, भूस्खलन या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान कई इलाकों तक जमीन के रास्ते पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में ड्रोन से प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी, नुकसान का आकलन और राहत अभियानों की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।
नेपाल जैसे पहाड़ी देश में यह तकनीक विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है, जहां खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत एवं बचाव अभियान अक्सर चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं।
न्यूयॉर्क में हुई अहम मुलाकात
अमेरिका की अतिरिक्त सहायता की घोषणा न्यूयॉर्क में अमेरिकी विदेश विभाग की अंडर सेक्रेटरी एलिसन हूकर और नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खानाल के बीच हुई मुलाकात के दौरान की गई। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा के कार्यक्रमों के बीच हुई।
हूकर ने बाढ़ से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के प्रति अमेरिका की संवेदना व्यक्त की। अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी बताया कि बाढ़ के बाद करीब 70 अमेरिकी नागरिकों के अब भी लापता होने की जानकारी है।
नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही
नेपाल में अगस्त के अंत में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर जान-माल को नुकसान पहुंचाया। बाढ़ और उससे जुड़े मलबे ने घरों, सड़कों, पुलों और ऊर्जा ढांचे को प्रभावित किया। कई लोग अब भी लापता हैं और बचाव एवं पहचान का काम जारी है।
हाल की रिपोर्टों के अनुसार, आपदा के बाद हजारों लोग अब भी लापता हैं और बड़ी संख्या में बरामद शवों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। मुश्किल पहाड़ी इलाकों और भारी मलबे के कारण राहत एवं खोज अभियान में लगातार चुनौतियां सामने आ रही हैं।
नेपाल के लिए यह संकट सिर्फ तत्काल राहत तक सीमित नहीं है। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में परिवहन और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को दोबारा खड़ा करना भी बड़ी चुनौती है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मदद का एक बड़ा हिस्सा अब पुनर्निर्माण और रिकवरी की तरफ बढ़ रहा है।
अमेरिका की कुल सहायता 36 मिलियन डॉलर से ज्यादा
नई 31 मिलियन डॉलर की घोषणा के साथ नेपाल के बाढ़ राहत और रिकवरी प्रयासों में अमेरिका की कुल सहायता 36 मिलियन डॉलर से अधिक हो गई है।
इससे पहले अमेरिका ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए मानवीय, स्वास्थ्य और फोरेंसिक सहायता उपलब्ध कराई थी। सितंबर में अमेरिकी विदेश विभाग ने नेपाल पुलिस को बाढ़ पीड़ितों की पहचान में मदद करने के लिए 1 मिलियन डॉलर की फोरेंसिक सहायता भी मंजूर की थी, जिसमें DNA विश्लेषण से जुड़े संसाधन शामिल थे।
राहत से पुनर्निर्माण की ओर बढ़ता फोकस
अमेरिका की नई घोषणा से यह संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय सहायता का फोकस अब केवल तत्काल राहत से आगे बढ़कर पुनर्निर्माण और भविष्य की आपदा तैयारी पर भी जा रहा है।
पुलों का निर्माण प्रभावित क्षेत्रों को दोबारा जोड़ने में मदद कर सकता है, जबकि पानी, स्वच्छता और आश्रय संबंधी सहायता लोगों की तत्काल जरूरतों को पूरा करने में भूमिका निभाएगी। वहीं ड्रोन जैसी तकनीक भविष्य में आपदा के दौरान नुकसान का तेजी से आकलन करने और राहत अभियानों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद कर सकती है।
नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही के बाद कई देश और अंतरराष्ट्रीय संगठन राहत एवं पुनर्वास में योगदान दे रहे हैं। ऐसे में अमेरिका की 31 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त सहायता नेपाल के लिए राहत और पुनर्निर्माण के अगले चरण में महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समर्थन के रूप में सामने आई है।
