
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की महारैली से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाले लोगों को रैली में शामिल होने से रोकने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब समेत कई राज्यों से लोग दिल्ली आना चाहते हैं, लेकिन उन्हें रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने 30 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के नेताओं के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए ये आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में होने वाली रैली केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा से जुड़ा आंदोलन है।
अमित शाह पर राहुल गांधी ने लगाए आरोप
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि गृह मंत्री अमित शाह पूरी कोशिश कर रहे हैं कि दूसरे राज्यों से लोग दिल्ली न पहुंच सकें। उन्होंने दावा किया कि कई राज्यों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को रैली में शामिल होने के लिए आने से रोका जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि रामलीला मैदान में कितने लोग पहुंचते हैं और कितने लोगों को रास्ते में रोकने की कोशिश होती है, इससे देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लोगों को रोकने की कोशिशों के बावजूद विपक्ष इस कार्यक्रम को लेकर एकजुट है।
हालांकि, लोगों को रोके जाने के आरोपों पर सरकार या गृह मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में राहुल गांधी के इन आरोपों को विपक्ष के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
वोट के अधिकार और SIR का मुद्दा बना रैली का केंद्र
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लाखों लोगों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। राहुल गांधी ने दावा किया कि लोगों के वोट के अधिकार पर हमला हो रहा है और विपक्ष इसी मुद्दे को लेकर एकजुट हुआ है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी सहित अन्य लोगों का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक और आर्थिक रूप से प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए आम नागरिकों के वोट छीने जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि वोट केवल एक अधिकार नहीं है, बल्कि यह हर भारतीय की आवाज और उसकी इच्छा को व्यक्त करने का माध्यम है। विपक्ष इसी अधिकार की रक्षा के लिए आंदोलन कर रहा है।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में निकलेगा मार्च
INDIA गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़े विरोध मार्च का आयोजन करने की घोषणा की है। इस कार्यक्रम में विपक्षी दलों के नेताओं के अलावा सामाजिक कार्यकर्ताओं, नागरिक समाज के सदस्यों, पत्रकारों और अन्य संगठनों को भी आमंत्रित किया गया है।
राहुल गांधी ने कहा कि यह किसी एक पार्टी का आंदोलन नहीं है। इसमें वे सभी लोग शामिल हो सकते हैं जो लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाना चाहते हैं। उन्होंने विपक्षी एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि सभी दल एक साथ खड़े हैं।
कांग्रेस की ओर से भी इस कार्यक्रम को लेकर लोगों से दिल्ली पहुंचने और आंदोलन में भाग लेने की अपील की गई है।
बारिश के कारण स्थगित हुआ INDIA गठबंधन का कार्यक्रम
दिल्ली में लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण INDIA गठबंधन का 30 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। राहुल गांधी ने बताया कि गठबंधन के नेताओं ने आपसी सहमति से कार्यक्रम को 31 अक्टूबर तक टालने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि बारिश के कारण वरिष्ठ नागरिकों और कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को बैठने में परेशानी हो सकती थी। इसी वजह से कार्यक्रम को अगले दिन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम का स्वरूप पहले जैसा ही रहेगा।
इससे पहले विपक्षी गठबंधन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई थी। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि, निर्वाचन आयोग और संबंधित पक्षों के रुख को भी इस मुद्दे पर ध्यान में रखना जरूरी है।
विपक्षी एकजुटता दिखाने की तैयारी
रामलीला मैदान की प्रस्तावित महारैली को विपक्षी गठबंधन की एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस सहित INDIA गठबंधन के अन्य दल इस कार्यक्रम के माध्यम से SIR, कथित वोट चोरी और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि यह अलग-अलग विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक ही आंदोलन है। उन्होंने लोगों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
फिलहाल, 1 नवंबर को होने वाले इस मार्च को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अब सबकी नजर रामलीला मैदान में जुटने वाली भीड़, विपक्षी दलों की भागीदारी और राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर सरकार की प्रतिक्रिया पर रहेगी।
