
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने विपक्ष को घेरने और अपने संगठन को मजबूत करने के लिए एक बड़े जनसंपर्क अभियान की रणनीति तैयार की है। इसी के तहत भाजपा 3 से 5 नवंबर तक प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्राएं निकाल रही है। इन पदयात्राओं में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों, प्रदेश सरकार के मंत्रियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की योजना है।
भाजपा का यह अभियान ऐसे समय शुरू हो रहा है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। पार्टी का उद्देश्य पदयात्राओं के जरिए जनता के बीच पहुंचना और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे राजनीतिक मुद्दों का जवाब देना है। भाजपा इन कार्यक्रमों के माध्यम से चुनावी प्रक्रियाओं, संवैधानिक संस्थाओं और राष्ट्रीय एकता से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष जनता के सामने रखेगी।
छह संगठनात्मक क्षेत्रों में निकाली जाएंगी पदयात्राएं
भाजपा ने इस अभियान के लिए उत्तर प्रदेश को छह संगठनात्मक क्षेत्रों में बांटा है। इनमें अवध, काशी, गोरखपुर, कानपुर-बुंदेलखंड, पश्चिम और ब्रज क्षेत्र शामिल हैं। पार्टी ने इन सभी क्षेत्रों में अलग-अलग तारीखों पर पदयात्राएं आयोजित करने का कार्यक्रम बनाया है।
अभियान की शुरुआत 3 नवंबर को राजधानी लखनऊ से हो रही है। इसके बाद 4 नवंबर को गोरखपुर, प्रयागराज और कानपुर में पदयात्राएं निकाली जाएंगी। वहीं, 5 नवंबर को गाजियाबाद और बरेली में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे।
भाजपा की योजना है कि इन पदयात्राओं के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों तक पहुंच बनाई जाए। इसके साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को भी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी दी गई है।
योगी आदित्यनाथ और शिवराज सिंह चौहान करेंगे लखनऊ में नेतृत्व
लखनऊ में 3 नवंबर को आयोजित पदयात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रमुख रूप से शामिल होंगे। यह पदयात्रा लोकभवन से परिवर्तन चौक तक निकाली जा रही है।
इस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस अभियान के जरिए प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियों को और गति मिलेगी।
इसी दिन बरेली में भी पदयात्रा आयोजित की जा रही है। इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के शामिल होने का कार्यक्रम है।
गोरखपुर, प्रयागराज और कानपुर में भी जुटेंगे बड़े नेता
भाजपा ने 4 नवंबर को तीन प्रमुख क्षेत्रों में पदयात्राएं निकालने का कार्यक्रम बनाया है। गोरखपुर में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी अभियान का नेतृत्व करेंगे।
वहीं, प्रयागराज में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पदयात्रा में शामिल होंगे। कानपुर में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को कार्यक्रम की जिम्मेदारी दी गई है।
इन कार्यक्रमों के जरिए भाजपा पूर्वांचल, काशी और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी। पार्टी की ओर से स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को भी अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
5 नवंबर को गाजियाबाद और बरेली में होगा कार्यक्रम
अभियान के अंतिम दिन यानी 5 नवंबर को पश्चिम क्षेत्र के गाजियाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। वहीं, ब्रज क्षेत्र के बरेली में भी पार्टी की ओर से पदयात्रा आयोजित की जाएगी।
भाजपा की कोशिश है कि प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में एक साथ जनसंपर्क का संदेश पहुंचाया जाए। इन कार्यक्रमों में पार्टी के विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के साथ सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी जोड़ने की योजना बनाई गई है।
सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध वर्ग को जोड़ने की तैयारी
भाजपा इस अभियान को केवल पार्टी कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रखना चाहती। पदयात्राओं में संत-महात्माओं, व्यापारियों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, चिकित्सकों और विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की योजना है।
पार्टी के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने अभियान की तैयारियों को लेकर प्रदेश स्तर पर बैठक की थी। इस दौरान पदयात्राओं के आयोजन, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों और जनभागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की गई।
भाजपा के मुताबिक, अभियान में राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्यों जैसे विषयों पर जोर दिया जाएगा। पार्टी का प्रयास है कि इन मुद्दों को लेकर अलग-अलग वर्गों के लोगों तक अपनी बात पहुंचाई जाए।
विपक्ष को जवाब देने की रणनीति
इस अभियान का एक प्रमुख राजनीतिक उद्देश्य विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देना भी है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से चुनावी प्रक्रिया और वोट चोरी जैसे मुद्दों को उठाया जा रहा है। ऐसे में भाजपा अपनी पदयात्राओं के जरिए इन आरोपों पर अपना पक्ष रखने की तैयारी कर रही है।
पार्टी नेताओं का आरोप है कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर दोहरे मापदंड अपना रहा है। हालांकि, विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के अपने तर्क हैं।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले BJP की तैयारी
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा का यह तीन दिवसीय अभियान राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी एक तरफ अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में जुटी है, तो दूसरी तरफ जनता के बीच अपनी राजनीतिक रणनीति और मुद्दों को पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
छह क्षेत्रों में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को जोड़ने की योजना से साफ है कि भाजपा इस अभियान को व्यापक स्तर पर आयोजित करना चाहती है। अब देखना होगा कि इन पदयात्राओं के जरिए पार्टी जनता के बीच कितना प्रभाव बना पाती है और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इसका राजनीतिक असर क्या रहता है।
