
हरियाणा के करनाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पार्टी की चुनावी राजनीति को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश की जनता लगातार नकार रही है और चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन उसके लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। महाराष्ट्र का जिक्र करते हुए भी अमित शाह ने कांग्रेस पर तंज कसा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), चुनाव प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव जारी है।
अमित शाह 5 नवंबर को हरियाणा के करनाल में भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल हुए। इस कार्यक्रम के जरिए भाजपा कांग्रेस के उन आरोपों का जवाब देने की कोशिश कर रही है, जिनमें विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए हैं। करनाल में आयोजित इस कार्यक्रम को भाजपा के राजनीतिक अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महाराष्ट्र का नाम लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना
करनाल में अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर निशाना साधा। उन्होंने महाराष्ट्र का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी कांग्रेस का सूपड़ा साफ हुआ। शाह की इस टिप्पणी को कांग्रेस के खिलाफ भाजपा के चुनावी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।
अमित शाह लगातार कांग्रेस पर आरोप लगाते रहे हैं कि पार्टी चुनावों में हार के बाद चुनावी प्रक्रिया और संस्थाओं पर सवाल उठाती है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस को जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए। वहीं, कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाती रही है।
शाह की टिप्पणी के बाद एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी नतीजों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
करनाल में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हरियाणा दौरा भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से अहम है। करनाल में आयोजित पदयात्रा को पार्टी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम दिया है। इस अभियान का उद्देश्य कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों और SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में भाजपा का पक्ष जनता तक पहुंचाना है।
इस पदयात्रा में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की योजना बनाई गई थी। कार्यक्रम के लिए सेक्टर-12 से महात्मा गांधी चौक तक का मार्ग प्रस्तावित किया गया था। इसके जरिए भाजपा हरियाणा में अपने संगठनात्मक आधार को मजबूत करने और कांग्रेस के आरोपों का राजनीतिक जवाब देने की कोशिश कर रही है।
भाजपा का दावा है कि कांग्रेस चुनावी मुद्दों के जरिए जनता को भ्रमित कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक नियमित लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है।
SIR और वोट चोरी के आरोपों पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
देश में इन दिनों विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच लगातार बयानबाजी हो रही है। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के नाम पर लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित किया जा सकता है। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।
दूसरी तरफ भाजपा इन आरोपों को खारिज करती रही है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची को अपडेट करना चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भाजपा नेताओं के मुताबिक, मृत मतदाताओं, स्थानांतरित हो चुके लोगों और डुप्लीकेट नामों को हटाना जरूरी है, ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
इसी राजनीतिक विवाद के बीच भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान शुरू किया है। पार्टी इस अभियान के तहत पदयात्राओं, जनसभाओं और प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपना पक्ष जनता के सामने रख रही है।
कांग्रेस की रैली के जवाब में भाजपा का अभियान
दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष की महारैली और वोट चोरी के आरोपों के बाद भाजपा ने भी अपने स्तर पर राजनीतिक अभियान तेज किया है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन चुनाव आयोग तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
इसके जवाब में भाजपा ने देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित करने की रणनीति बनाई है। इसी कड़ी में अमित शाह ने पहले हैदराबाद में पदयात्रा में हिस्सा लिया और अब हरियाणा के करनाल पहुंचे। भाजपा का प्रयास है कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर पार्टी का पक्ष सीधे जनता तक पहुंचाया जाए।
करनाल को इस कार्यक्रम के लिए चुने जाने के पीछे भी राजनीतिक महत्व है। यह क्षेत्र हरियाणा की राजनीति में अहम स्थान रखता है। भाजपा यहां से प्रदेशभर में अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संदेश देना चाहती है।
अंबाला में शहीद स्मारक का भी करेंगे उद्घाटन
अमित शाह के हरियाणा दौरे में करनाल के अलावा अंबाला का कार्यक्रम भी शामिल है। करनाल में पदयात्रा के बाद वह अंबाला छावनी पहुंचकर 1857 की क्रांति के शहीदों को समर्पित राष्ट्रीय शहीद स्मारक का उद्घाटन करेंगे। इस स्मारक के निर्माण पर करीब 800 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इसके बाद अमित शाह अंबाला के गांधी ग्राउंड में जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में हरियाणा सरकार और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। भाजपा इस दौरे के जरिए राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ राज्य में अपनी सरकार के विकास कार्यों और ऐतिहासिक विरासत को भी सामने रखने की तैयारी में है।
भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़ेगा राजनीतिक टकराव
अमित शाह के करनाल दौरे और कांग्रेस पर की गई टिप्पणी से साफ है कि भाजपा चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों का राजनीतिक जवाब देने में जुटी है। दूसरी तरफ कांग्रेस भी इन मुद्दों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठा रही है।
महाराष्ट्र का जिक्र कर कांग्रेस पर किया गया शाह का तंज भी इसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है। अब देखना होगा कि भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान हरियाणा में कितना प्रभाव डालता है और कांग्रेस इन आरोपों का किस तरह जवाब देती है।
